Saturday, 29 July 2017

जो लोग झूठे दहेज के मुकदमों के शिकार हैं, वे समाज की इस कड़वी सच्चाई से अच्छी प्रकार परिचित होंगे कि ---

आईये.... .....!!! भारत बदलें .... Let's Change India ....



जब उनके खिलाफ शिकायत पुलिस के पास गई थी तो उनके खिलाफ मुकदमें दर्ज करवाने में किन लोगों की भूमिका थी .........?????
आपके अपने सगे परिवार के लोग , रिश्तेदार, सामाजिक प्रधान, महिला पुलिस, वकील, महिला समाजसेवी,   तथाकथित समाजसेवी, सरपंच , छुटभैये नेता आदि । यही सब लोगों ने ही तो आपको फंसा कर कमजोर करने में अपनी भूमिका निभाई, फिर घर बसाने और वंश चलाने का बहाना बनाकर आपसे समझौते के नाम पर बड़ी रकम वसूली, अपनी दलाली खाई और आप के परिवार पर ये एहसान भी जाता दिया कि -- हमनें इनका मामला निपटवाया ।
अब सुप्रीम कोर्ट के अनुसार जो समिति  बनेगी उसमें जज अपने चहेतों को भरेंगे , और मनमर्जी से रिपोर्ट तैयार करवाएंगे । लीगल ऐड में क्या फर्जीवाडे होते हैं .......??? ये हम जानते हैं । कही पर भी दस बीस लोगों को बिठाकर फ़ोटो खींची और अखबार में प्रेस नोट देकर खबर छपवा दी । हर महीने करोड़ों रूपये डकारे जा रहे हैं लीगल ऐड के नाम पर , जरूरतमंद को वकील ही नही मिलता ........???  और अगर मिल भी गया तो काम नहीं करता, क्योंकि उसको लीगल ऐड में सेटिंग से रखा जाता है जो उनकी जी हजूरी करें वर्ना लीगल ऐड से बाहर .......

जो लोग झूठे दहेज के मुकदमों के शिकार हैं, वे समाज की इस कड़वी सच्चाई से अच्छी प्रकार परिचित होंगे कि ---

आईये.... .....!!! भारत बदलें .... Let's Change India ....



जब उनके खिलाफ शिकायत पुलिस के पास गई थी तो उनके खिलाफ मुकदमें दर्ज करवाने में किन लोगों की भूमिका थी .........?????
आपके अपने सगे परिवार के लोग , रिश्तेदार, सामाजिक प्रधान, महिला पुलिस, वकील, महिला समाजसेवी,   तथाकथित समाजसेवी, सरपंच , छुटभैये नेता आदि । यही सब लोगों ने ही तो आपको फंसा कर कमजोर करने में अपनी भूमिका निभाई, फिर घर बसाने और वंश चलाने का बहाना बनाकर आपसे समझौते के नाम पर बड़ी रकम वसूली, अपनी दलाली खाई और आप के परिवार पर ये एहसान भी जाता दिया कि -- हमनें इनका मामला निपटवाया ।
अब सुप्रीम कोर्ट के अनुसार जो समिति  बनेगी उसमें जज अपने चहेतों को भरेंगे , और मनमर्जी से रिपोर्ट तैयार करवाएंगे । लीगल ऐड में क्या फर्जीवाडे होते हैं .......??? ये हम जानते हैं । कही पर भी दस बीस लोगों को बिठाकर फ़ोटो खींची और अखबार में प्रेस नोट देकर खबर छपवा दी । हर महीने करोड़ों रूपये डकारे जा रहे हैं लीगल ऐड के नाम पर , जरूरतमंद को वकील ही नही मिलता ........???  और अगर मिल भी गया तो काम नहीं करता, क्योंकि उसको लीगल ऐड में सेटिंग से रखा जाता है जो उनकी जी हजूरी करें वर्ना लीगल ऐड से बाहर .......

अभी सुप्रीम कोर्ट ने दहेज़ के मुकदमों में फैमिली वेलफेयर कमेटी का जो आदेश दिया है , उसमें बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा होगा .........

आईये.... .....!!! भारत बदलें .... Let's Change India ....


क्योंकि
--- हिन्दुस्तान के जज पुलिस से कई गुना ज्यादा बड़े भृष्ट हैं ।
--- अब पुलिस को बीच से हटाकर,  जजों के लिए दलाली का रास्ता खोल दिया है ।
--- अब भृष्ट और खाऊ पिऊ जजों की मौज हो गई , अवैध कमाई का नया रास्ता खुल गया है ।

सुप्रीम कोर्ट ने दलाली का नया रास्ता बनाकर पुलिस को बीच से हटा दिया   । अब ये समिति सेशन जज के इशारे पर काम करेगी । जज अपनी मर्जी से केस की रिपोर्ट बनवायेंगे । जो पैसे दे देगा वो बच  जायेगा , वर्ना केस की प्रताड़ना भुगतेगा ।

पूरी दुनिया में ऐसी बेवकूफी का शायद ही कोई नमूना मिलेगा ....... जैसा कि साक्ष्य अधिनियम की धारा 113 A ........

आईये.... .....!!! भारत बदलें .... Let's Change India ....

 आईये जाने क्या है फर्जीवाड़ा ........???

498a के दुरूपयोग का दूसरा सबसे बड़ा कारण है एविडेंस एक्ट की धारा 113 A .......... इस धारा में ये प्रावधान कर दिया कि केवल औरत के बयां के आधार पर ही व्यक्ति को दोषी मान लिया जायेगा , जबकि न्याय व्यवस्था में किसी भी व्यक्ति को दोषी केवल तब माना जायेगा जब वो आरोप सिद्ध हो जायेगा । यही प्रावधान वकीलों और भृष्ट जजों की आसान कमाई का जरिया बन गया ।  ये सब कांग्रेसियों की घटिया सोच के परिणाम हैं, जिनका उद्देश्य ही आम जनता को उलझाकर, डराकर, बेवकूफ बनाकर, जाती धर्म, स्त्री पुरुष  के नाम पर बांटकर अपना स्वार्थ साधना रहा है ।
अगर 498a में 113 A का प्रावधान हो ख़त्म कर दो तो ही बहुत सारे मुकदमें  अपने आप ही ख़त्म .........

498a को बनाया ही बदनीयती से था .....तो लोगों को न्याय कहाँ से मिलेगा ........???.

आईये.... .....!!! भारत बदलें .... Let's Change India ....

498a को बनाया ही बदनीयती से था .....तो लोगों को न्याय कहाँ से मिलेगा ........???. आईये जाने कैसे ......????

संविधान के आर्टिकल 15 ने ये कभी भी नहीं कहा कि ---  कोई भी ऐसा विशेष कानूनी प्रावधान ऐसा हो जोकि नागरिक के आर्टिकल 21 के तहत अधिकारों का हनन करे । ये प्रावधान बदनीयती से आर्टिकल 15 की गलत व्याख्या करके बनाये गए थे , तो उसी का नतीजा देश के निर्दोष लोग भुगत रहे हैं ।

केवल 3 महीने में दहेज़ के झूठे मुकदमें रुक जाएं , अगर न्यायपालिका की ईच्छाशक्ति हो तो .......

आईये.... .....!!! भारत बदलें .... Let's Change India ....
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हिंदुस्तान में दहेज़ के झूठे मुक़दमे उस दिन रुकेंगे जब ......

-- शिकायत करने वाले को शादी में हुए खर्च के सबूत जमा करवाना जरूरी किया जायेगा ।

-- जब शिकायत करने वाले को शादी में किये गए खर्च के स्त्रोत का सबूत देना जरूरी किया जायेगा ।

--जब शिकायतकर्ता से एफिडेविट भी लिया जायेगा कि शिकायत में कोई भी जानकारी झूठी पाये जाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही और सजा  की जायेगी ।

--अगर शिकायत झूठी पाई गई तो झूठे केस के कारण हुए नुकसान की भरपाई , शिकायकर्ता के साथ 2 केस दर्ज करवाने में भूमिका निभाने वाले पुलिस, और जानबूझकर झूठा मुकदमा चलाने वाले जज से की जाएगी ।

-- जो भी लोग इन मुकदमों से , सबूतों के आभाव में बरी हुए हैं , वे अपने नुकसान की भरपाई के लिए सरकार पर मुकदमें ठोकें ।

--जब तक पहले 4 पॉइंट के सबूत न हों , और पति पक्ष से सबूत लिये बिना मुकदमा दर्ज नहीं हो

-- किसी भी शिकायत पर कार्यवाही की जांच वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ ही हो ।

-- मुकदमा वापिस लेने वाली औरतों को जुर्माना और सजा हो ।
-- शिकायकर्ता पर दहेज देने का भी मुकदमा दर्ज हो ।
इस देश में केवल 3 महीने में झूठे केस करने और करवाने वाले लोगों की नींद हराम न हो जाये तो हमें कहना ....... लेकिन जज ही नहीं चाहते कि -- ये मुकदमें ख़त्म हों । अगर ऐसा हो जायेगा तो फिर जजो की  दो नंबर की कमाई कहाँ से आएगी .........???

हिंदुस्तान में दहेज़ के झूठे मुक़दमे उस दिन रुकेंगे जब ......

आईये.... .....!!! भारत बदलें .... Let's Change India ....



-- शिकायत करने वाले को शादी में हुए खर्च के सबूत जमा करवाना जरूरी किया जायेगा ।

-- जब शिकायत करने वाले को शादी में किये गए खर्च के स्त्रोत का सबूत देना जरूरी किया जायेगा ।

--जब शिकायतकर्ता से एफिडेविट भी लिया जायेगा कि शिकायत में कोई भी जानकारी झूठी पाये जाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही और सजा  की जायेगी ।

--अगर शिकायत झूठी पाई गई तो झूठे केस के कारण हुए नुकसान की भरपाई , शिकायकर्ता के साथ 2 केस दर्ज करवाने में भूमिका निभाने वाले पुलिस, और जानबूझकर झूठा मुकदमा चलाने वाले जज से की जाएगी ।

-- जो भी लोग इन मुकदमों से , सबूतों के आभाव में बरी हुए हैं , वे अपने नुकसान की भरपाई के लिए सरकार पर मुकदमें ठोकें ।

--जब तक पहले 4 पॉइंट के सबूत न हों , और पति पक्ष से सबूत लिये बिना मुकदमा दर्ज नहीं हो

-- किसी भी शिकायत पर कार्यवाही की जांच वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ ही हो ।

-- मुकदमा वापिस लेने वाली औरतों को जुर्माना और सजा हो ।
-- शिकायकर्ता पर दहेज देने का भी मुकदमा दर्ज हो ।
इस देश में केवल 3 महीने में झूठे केस करने और करवाने वाले लोगों की नींद हराम न हो जाये तो हमें कहना ....... लेकिन जज ही नहीं चाहते कि -- ये मुकदमें ख़त्म हों । अगर ऐसा हो जायेगा तो फिर जजो की  दो नंबर की कमाई कहाँ से आएगी .........???